>सेक्सुअल अंगो को लेकर शंका समाधान

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जी स्पॉट क्या है?

ग्रेफेनबर्ग स्पॉट या जी-स्पॉट वह क्षेत्र है जो योनि की दीवार के अंदरूनी हिस्से में पाया जाता है. यह सतह से लगभग 1 सेंटीमीटर पर और योनिद्वार से योनि की लंबाई के एक तिहाई या आधी दूरी पर स्थित होता है. यदि इस क्षेत्र के उत्तकों को दो उंगलियों द्वारा गहराई तक दबाएंगे तो यह उत्तेजना के लिये काफी असरकारी होता है. जी-स्पॉट का पता चल जाने पर ज्यादातर (लगभग 50 फीसदी ) महिलाओं का कहना है कि चरम उत्तेजना के लिये यह अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र है. उत्तेजना के दौरान इस क्षेत्र पर दबाव पड़ने पर परम आनंद की अनुभूति होती है. कई महिलाओं के लिये तो उत्तेजना का यह पहला प्रारंभिक सोर्स होता है. जबकि कुछ महिलाओं का कहना है कि यह भी सामान्य उत्तेजना की ही तरह है तो कुछ अन्य महिलाओं का मानना है कि उन्हे ऐसा अनुभव होता है मानों उन्हे पेशाब जाने की आवश्यकता महसूस हो रही है. लेकिन ज्यादातर महिलाओं ने जिन्होने अपना जी-स्पॉट पता लगा लिया उन्हे इससे जबर्दस्त सेक्स उत्तेजना का अनुभव होता है साथ असीम परमानंद की अनुभूति होती है. चित्र में रतिक्रिया के दौरान जी-स्पॉट की स्थिति दिखाई गई है. जी – स्पॉट महिलाओं द्वारा शक्तिशाली और तीव्र स्खलन की घटना से जुड़ा है. यदि इस क्षेत्र पर दबाव बनता है तो महिलाएं परमानंद के साथ चरम उत्तेजना को प्राप्त कर स्खलित होती है और यही घटना उन्हे परम संतुष्टि (चरमोत्कर्ष ) प्रदान करती है.

जी-स्पॉट द्वारा तीव्र स्खलन

जी-स्पॉट उत्तेजना के दौरान महिलाए काफी मात्रा में योनि से पानी छोड़ती है(देखें चित्र ) . कई बार इसकी गति फुहारे के रूप में तक होती है. लेकिन यहां यह बता देना चाहता हूं कि योनि द्वारा निकला यह पानी मूत्र कतई नहीं होता है. यह रंगहीन और गंधहीन होता है. जब योनि से महिलाएं यह पानी छोड़ती हैं तो आनंदातिरेक में डूबी होती हैं और संभोग का पूर्ण संतुष्टिकारक आनंद ले रही होती हैं. महिलाओं यह जी-स्पॉट उत्तेजना का सेक्स क्रिया के दौरान काफी महत्व है. हालांकि भारत में अभी जी-स्पॉट स्खलन उतना प्रचलन में नहीं आया है या फिर अभी इसकी जानकारी ही नहीं है कि यह योनि में कहां पाया जाता है, लेकिन विदेशों की ज्यादातर महिलाएं जी-स्पॉट स्खलन अपने पार्टनर द्वारा काफी पसंद करती हैं.

लिंग का औसत आकार क्या है ?

मैन्डेस क्रॉप की किताब के अनुसार औसतन लिंग की लंबाई 15 से.मी. मानी जाती है. इसके साथ ही 90 फीसदी लोगों के लिंग की लंबाई 13 से 18 से.मी. के बीच पाई जाती है. पूर्णतः काम कर रहे लिंग में सबसे छोटे लिंग की लंबाई 1.5 से.मी. तथा अधिकतम लंबाई 30 से.मी. रिकार्ड की गई है.

क्या सेक्स के लिए लिंग का आकार महत्वपूर्ण है ?
यह सेक्स मामलों के लिये सबसे ज्यादा पूछा जाने वाला प्रश्न है. जबकि वास्तव में यह गैर महत्वपूर्ण प्रश्न है क्योंकि सेक्स क्रिया के लिये लिंग की लंबाई से कोई लेना देना नहीं होता. लिंग की लंबाई महत्वपूर्ण तब होती है जब सिर्फ आप इस बारे में सोचते हैं. यदि आप किसी से सेक्स कर रहे हैं और आप की आकांक्षा लंबे लिंग की है तब लिंग का आकार महत्वपूर्ण होगा वह भी सिर्फ आपके लिये . सेक्स क्रिया के लिये यदि आपको लगता है लिंग का लंबा होना जरूरी हैतब और तब सिर्फ आपके लिये मात्र ही लिंग की लंबाई महत्वपूर्ण होगी. जबकि कई महिलाओं का कहना है कि ज्यादातर आदमी लिंग की लंबाई को लेकर झूलते , परेशान होते रहते हैं जबकि उन्हे इससे कोई लेना देना नहीं है . विशेषज्ञों के अनुसार योनि की लंबाई मात्र 8 से.मी. से 13 से.मी. (3 से 5 इंच ) होती है और छोटा से छोटा लिंग भी इसके व्यास के आकार को छू सकता है. इसलिये कुल मिलाकर सेक्स के लिए लिंग की लंबाई कोई मायने नहीं रखती यह सिर्फ पुरुषों के दिमाग का भ्रम है.
क्या लिंग का आकार बढ़ाया जा सकता है?
हां लिंग का आकार बढ़ाया जा सकता है लेकिन वह सिर्फ सर्जिकल तरीके से . एक तरीका बायहेरी और दूसरा फैट इंजेक्शन है. बायहेरी तरीके में शरीर के एक हिस्से से लिगमेंट( ligament) काट कर लिंग में जोड़ा जाता है. इस तरीके से सिर्फ 2 इंच तक ही लिंग की लंबाई बढ़ाई जा सकती है. दूसरा तरीका फैट इंजेक्शन का है. इसमें शरीर के हिस्से से फैट निकाल लिया जाता है और उसे लिंग में इंजेक्ट किया जाता है. इसके अलाबा लिंग बढाने के जो भी तरीके दवा या अन्य बताए जाते है वह सिर्फ ठगी का कारण बनते है.
लिंग की लंबाई कैसे मापी जाती है?
हेराल्ड रीड जो रीड सेंटर फॉर एम्बुलैटरी यूरोलॉजिकल सर्जरी के डॉक्टर हैं के अनुसार लिंग की लंबाई नापने का सही तरीका निम्न है-
सर्वप्रथम आप सीधे खड़े हो जाएं फिर लिंग को पूर्ण उत्तेजित अवस्था में ले आएं. इसके बाद लिंग को पकड़ कर तब तक नीचे झुकाएं जब तक कि वह जमीन के समानान्तर अवस्था में न आ जाए. इसके पश्चात लिंग जहां शरीर से शुरू होता है वहां से शिश्न मुण्ड की सीध तक स्केल से नाप लें. जो लंबाई आएगी वही लिंग की वास्तविक लंबाई है.
लिंग का एक ओर झुकाव (दाएं या बायें ) कुछ गलत है ?
लगभग सभी लिंग उत्तेजना के दौरान किसी न किसी दिशा में झुके रहते हैं. इनमें से कुछ नीचे की ओर झुके होते हैं. यदि उत्तेजना के दौरान यह झुकाव न हो तो यह लिंग में दर्द का कारण बन सकता है. इसलिये लिंग में झुकाव कुछ गलत नहीं है और न ही यह लक्षण आपके लिंग के साथ कुछ असामान्य है. इस झुकाव से सेक्स क्रिया पर कोई विपरीत असर नहीं पड़ता है.
अपवाद स्वरूप कुछ केस जिसे पेरोंस सिन्ड्रोम कहते है में लिंग का झुकाव बीमारी माना जाता है. यह बचपन से होता है. इस अवस्था में झुकाव की सीमा काफी अधिक कभी-कभी तो 90डिग्री तक पहुंच जाती है. यदि ऐसी परिस्थितियां होती हैं तो फिर चिकित्सक(यूरोलॉजिस्ट ) को दिखाना जरूरी होता है.
सभी जवाब – डॉ. आर.के. जैन
जिला चिकित्सालय सतना

आगे कुछ और प्रश्नों के जवाब दिये जाएंगे , यदि आपके कोई प्रश्न हो तो मेल कर सकते हैं…

3 टिप्पणियाँ »

  1. Anonymous Said:

    >sarma ji namaskar main shighrpatan ke baare main purn jankari chahata hu.

  2. Anonymous Said:

    >Kis-2 din me sambhog karne se pregnency ka chance hota hai??

  3. viruslover Said:

    >Sharma sir good morning main kuch dino se aap ka niymit pathak hoon.main jaanna chahta hoon ki main hastmathun main karte samay 3-4 min.main hi jhad jaata hoon but patni ya kisi mahila ke sath kitni der tak kaam kar sakta hoon with regardviruslover


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