>ढलती उम्र और सेक्स

> उम्र और सेक्स अपने आप में काफी बड़ा मामला है लेकिन इसमें जो सबसे बड़ी बात निकल कर सामने आती है वह यह कि जैसे जैसे उम्र ढलती जाती है वैसे-वैसे सेक्स की क्षमता कम होती जाती है. शायद कई लोग तो यह भी कह देते हैं कि एक उम्र के बाद लोग सेक्स के काबिल भी नहीं रहते जबकि यह गलत है. यह सही है कि उम्र और सेक्स का गहरा नाता है वहीं सबसे जरूरी है विषय के बारे में जानकारी. ज्यादातर लोग अपने अधकचरे ज्ञान या कई बार अज्ञानता की वजह से ढलती उम्र में सेक्स को सही नहीं मानते. खैर यह सब तो बाते है अब आते हैं मूल विषय में – यह सही है कि ढलती उम्र में सेक्स युवा दिनों के सेक्स के समान तो नहीं होता है लेकिन उसे पूर्ण संतोषजनक बनाया जा सकता है. अगर यह कह दें कि सेक्स के लिये उम्र की कोई बाध्यता नहीं है बस जरूरत है तो थोड़ी सी जागरुकता की. एक बेहतर सेक्स लाइफ का आशय सिर्फ चरम उत्कर्ष मात्र से नहीं लगाया जाना चाहिये बल्कि इसमें बेहतर स्वास्थ्य व स्वाभिमान भी शामिल होता है. इसलिये उम्र बढ़ने के साथ ही स्वास्थ्य व स्वाभिमान पर भी ध्यान दें तो इस अवस्था में भी आप शानदार व संतोषजनक सेक्स लाइफ का आनंद उठा सकते हैं. कई बार तो यह भी देखा गया है कि लोग 80 साल की उम्र में भी शानदार सेक्स लाइफ गुजार रहे होते हैं. इस लिये यह भूल जाइये कि सेक्स सिर्फ युवाओं के लिये हैं. फिर सवाल उठता है कि उम्र के साथ क्या परिवर्तन आते हैं?

पुरुषों में टेस्टॉस्टेरॉन का स्तर कम होता है जिससे लोगों की सेक्स के प्रति रुचि कम होती है साथ ही अवस्था के अनुरूप सेक्स क्षमता में भी कुछ कमी आती है. उत्थान(erection) व चरमोत्कर्ष – कामोन्माद(orgasm) के लिये काफी पहले की अपेक्षा काफी उकसावे(stimulation) की जरूरत होती है. रति निष्पत्ति जल्दी हो जाती है. स्खलन कम शक्तिशाली हो जाता है तथा वीर्य भी कम मात्रा में निकलता है. तथा एक स्खलन के पश्चात दूसरे उत्थान के लिये काफी लंबा समय लगता है. इसके अलावा व्यक्ति का स्वास्थ्य भी बेहतर सेक्स लाइफ का सबसे बड़ा इम्पैक्ट या मूल्यांकन होता है. यदि आप या आपका पार्टनर का स्वास्थ्य कमजोर है या फिर काफी समय से हृदय संबंधी बीमारी या संधिशोथ (arthritis) से पीड़ित हैं तो बढती उम्र के साथ सेक्स और चैलेन्जिंग होता जाता है. वहीं कुछ सर्जरी तथा औषधियां जैसे ब्लड प्रेशर, एन्टीहिस्टामीन, एन्टी डिप्रेशेन्ट सहित एसिड ब्लोकिंग की दवाएं भी सेक्सुअल प्रणाली पर प्रभाव डालती हैं. इस लिये इस उम्र में शारीरिक अवस्था में हो रहे परिवर्तन के अनुरूप अपनी सीमाएं जाननी चाहिये इसलिये महज सुने सुनाए सगूफे के आधार पर ढलती उम्र में अपनी सेक्स लाइफ का सहज निर्धारण न करें बल्कि जरूरत हो तो अपने चिकित्सक से भी बात करें साथ ही अपने पार्टनर से भी लगातार बात करनी चाहिये. 40 वर्ष या फिर उससे ज्यादा के होने पर सेक्स लाइफ में कुछ स्वाभाविक परिवर्तन आने लगते है. इस दौरान भी बेहतर सेक्स लाइफ बनाए रखने के लिये जरूरी है कि अपने पार्टनर से ज्यादा से ज्यादा इस बारे में बात करें. सेक्स को लेकर पार्टनर की राय क्या है इसपर खुलकर बात करनी चाहिये. ज्यादतर उम्रदराज लोग इस उम्र में सेक्स चर्चा को असंगत व निषिद्ध मानते हैं. जबकि पार्टनर से खुली सेक्स चर्चा (जिसमें आपकी जरूरतें , पसंद, अभिलाषा व कमजोरी) करनी चाहिये. इससे आप एक दूसरे के और ज्यादा करीब आते हैं साथ ही बेहतर सेक्स लाइफ गुजारने में भी काफी मदद मिलती है.
क्रमशः

1 टिप्पणी »

  1. Anonymous Said:

    >मेरी उम्र 43 पहुँच गई है । पत्नी सेक्स के मामले मे फिसड्डी है । मै दिन मे एक बार हस्त मैथुन जरुर करता हु । लेकिन यौनांग मे पहले जैसी तेजी नही है । आप अपने लेख मे कुछ घरेलु उपाय बत्ताए तो उपयोगी रहेगा ।


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